उत्तराखंड के हजारों टीचरों को फ‍िर से करनी होगी पढ़ाई, NIOS लगाएगा क्‍लास

उत्तराखंड के लगभग 7-8 हजार प्राथमिक शिक्षकों को अनिवार्य रूप से छह माह का ब्रिज कोर्स करना होगा। बिना बीटीसी/टीईटी के बीएड के आधार पर नियुक्त शिक्षकों को 19 जनवरी, 2026 तक एनआईओएस के माध्यम से यह कोर्स पूरा करना होगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह आदेश जारी हुआ है। कोर्स न करने पर नियुक्ति अमान्य हो जाएगी। हालांकि, कोर्स शुल्क को लेकर शिक्षकों में असमंजस बना हुआ है।

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देहरादून। राज्य के करीब छह हजार प्राथमिक शिक्षकों को पढ़ाई करनी होगी। वर्षों पहले बिना बीटीसी और टीईटी किए केवल बीएड के आधार पर नियुक्त बेसिक शिक्षकों के लिए छह माह का ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य होगा। इन शिक्षकों को 19 जनवरी, 2026 तक आवेदन करना होगा।

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेज अवगत कराया था, जिसके बाद सभी जनपदों से ऐसे शिक्षकों के आवेदन लिए जा रहे हैं। यह ब्रिज कोर्स राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआइओएस) के माध्यम से उत्तराखंड में ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) पद्धति से कराया जाएगा। आदेश में बताया कि 28 जून, 2018 से 11 अगस्त, 2023 समयावधि के मध्य परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से पांच में तैनात बीएड योग्यताधारी शिक्षकों के लिए छह माह के ब्रिज कोर्स की अनिवार्यता लागू की गई है। इस अवधि से पहले प्रदेश में बीटीसी पाठ्यक्रम था और वर्ष 2023 के बाद सभी शिक्षकों को टीईटी अनिवार्य है।

दरअसल, पूर्व में प्राथमिक स्तर (कक्षा एक से पांच) के लिए बीएड योग्यता को अमान्य घोषित किया जा चुका है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने अंशुमान सिंह बनाम नेशनल काउंसिल फार टीचर एजुकेशन व अन्य मामले में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया था। कोर्ट के निर्देश के तहत बीएड के आधार पर नियुक्त शिक्षकों को छह महीने का ब्रिज कोर्स कराने के आदेश दिए गए थे।

ब्रिज कोर्स पूरा नहीं करने पर अयोग्य माने जाएंगे शिक्षक

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो शिक्षक निर्धारित समय सीमा में ब्रिज कोर्स पूरा नहीं करेंगे, उनकी नियुक्ति अमान्य मानी जाएगी और इसके लिए संबंधित शिक्षक स्वयं जिम्मेदार होंगे। विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में लगभग सात से आठ हजार शिक्षक इस निर्णय से प्रभावित होंगे।

शुल्क को लेकर शिक्षकों में असमंजस

ब्रिज कोर्स के शुल्क को लेकर शिक्षकों में असमंजस है। शिक्षकों का कहना है कि इस कोर्स का शुल्क लगभग 25 हजार रुपये बताया जा रहा है, लेकिन यह शुल्क विभाग वहन करेगा या शिक्षकों को स्वयं जमा करना होगा, इस संबंध में अभी तक कोई स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। पूर्व में ऐसी स्थिति में शुल्क विभाग की ओर से वहन किया गया था।

वर्ष 2018 से 2023 के मध्य प्राइमरी में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों को ब्रिजकोर्स करना अनिवार्य है। निर्धारित तिथि तक ऐसे शिक्षक अनिवार्य रूप से आवेदन करें। – अजय नौडियाल, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा

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पंडित विराज कुमार शर्मा इस न्यूज़ पोर्टल के मुख्य संपादक हैं श्री विराज कुमार शर्मा ने लगभग 25 से अधिक वर्षों तक विभिन्न न्यूज पेपर्स के साथ कार्य किया है जैसे दैनिक आज शाह टाइम्स और मुख्यतः उन्होंने लगभग 24 वर्ष दैनिक जागरण के साथ कार्य किया है
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