ऋषिकेश: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वन विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए किए जा रहे सर्वे के विरोध में ऋषिकेश में रविवार को बवाल हो गया। इससे नाराज लोगों ने हरिद्वार मुख्य हाईवे और बाईपास पर जाम लगा दिया। साथ ही मनसा देवी फाटक पर रेलवे ट्रैक बाधित कर दिया।
रेलवे ट्रैक पर बैठे लोगों को हटाने की कोशिश की गई तो भीड़ में शामिल शरारतीतत्वों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पथराव से रेल यात्रियों में हड़कंप मच गया। छह ट्रेनें ट्रैक पर खड़ी हो गईं। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजी।
बवाल बढ़ने पर देहरादून जिले के अन्य थानों सहित हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी जिले से भी पुलिस बल को बुलाना पड़ा। शांति-व्यवस्था कायम रखने के लिए शाम को पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट ने पथराव में छह से सात पुलिस कर्मियों के घायल का दावा किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने ऋषिकेश के बाहरी क्षेत्र में खाली पड़ी वन विभाग की जमीन को लेकर रिपोर्ट देने को कहा था। शुक्रवार से इसके लिए सर्वे कार्य शुरू हुआ। रविवार को भी वन विभाग, राजस्व विभाग ने पुलिस की मौजूदगी में सर्वे कार्य शुरू किया।
सुबह करीब 11:30 बजे हरिद्वार बाईपास, हरिद्वार हाईवे और रेलवे ट्रैक को लोगों ने जाम कर दिया। इससे वाहन और ट्रेनों संचालन बाधित हो गया। शाम करीब चार बजे पुलिस, आरपीएफ, जीआरपी ने ट्रैक पर बैठे लोगों को हटाना शुरू कर दिया।
इसके बाद पथराव शुरू हो गया। अचानक हुए हमले के बाद पुलिस बल को पीछे हटना पड़ा। अन्य जिलों से पुलिस बल के आने से पुलिस ने ट्रैक से लेकर सड़क से भीड़ को हटाया। एसएसपी अजय सिंह भी मौके पर पहुंचे। देररात तक पुलिस हंगामा करने वालों को चिह्नित करने के लिए गश्त करती रही।
सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे के आसपास हरिद्वार बाईपास, हरिद्वार हाईवे और रेलवे ट्रैक को लोगों ने जाम कर दिया। शहर के अंदर से वाहन और ट्रेनें संचालन बाधित हो गया। शाम करीब चार बजे के आसपास पुलिस, आरपीएफ, जीआरपी ने ट्रैक पर बैठे लोगों को हटाना शुरू कर दिया। इसके बाद भीड़ में शामिल कुछ उग्र लोगों ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया।
ये ट्रेनें प्रभावित
- गंगा नगर एक्सप्रेस और कोच्चीवली एक्सप्रेस ट्रेन खड़ी रही।
- ऋषिकेश-हरिद्वार के बीच पैसेंजर ट्रेनें भी नहीं चल पाई।
- चंदौसी की ट्रेन भी हरिद्वार से ही लौटा दी गई।
- योगा एक्सप्रेस ट्रेन भी योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही।
- गंगा नगर एक्सप्रेस भी ट्रैक पर खड़ी रही।
- कोच्चीवली एक्सप्रेस बीरभद्र स्टेशन पर खड़ी थी।
यह है मामला
सुप्रीम कोर्ट की ओर से उत्तराखंड शासन को देहरादून वन प्रभाग के अंतर्गत ऋषिकेश वन रेंज में पट्टे पर दी गई खाली पड़ी भूमि की नपाई करने के आदेश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में शिवाजी नगर, बैराज मार्ग, मीरा नगर, बीस बीघा, बापू ग्राम, सुमन विहार, मालवीय नगर, अमित ग्राम पूरब व पश्चिम आदि वार्ड आते हैं।
कोर्ट के आदेश के क्रम में उत्तराखंड शासन द्वारा वन विभाग के अधिकारियों की समिति का गठन किया गया है। समिति की निगरानी में बीते शुक्रवार से वन विभाग, राजस्व व पुलिस की टीम इन सभी क्षेत्रों में खाली पड़ी भूमि की नपाई कर रही है, लेकिन भूमि के कब्जाधारी विरोध कर रहे हैं।
राजमार्ग और रेलमार्ग अवरुद्ध कर यात्री व आमजन को सुविधा पहुंचाने, इमरजेंसी सेवाओं पर व्यवधान डालने, सरकारी कार्य में बाधा और जनता को उकसाने वालों वालों को चिह्नित करते हुए मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। इंटरनेट मीडिया पर किए जा रहे दुष्प्रचार पर भी पुलिस नजर रख रही है। पुलिस की ओर से लाठीचार्ज नहीं किया गया है। विरोध प्रदर्शन करने वालों को समझाने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने आक्रोशित होकर पुलिस पर पथराव कर दिया।
– अजय सिंह, एसएसपी देहरादूनमंशा देवी फाटक पर पुलिस, प्रशासन एवं वन विभाग की टीम पर पथराव करने वाले और भीड़ को उकसाने वाले असामाजिक तत्वों की ड्रोन कैमरे एवं वीडियोग्राफी के माध्यम से पहचान की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति के पास भी उपद्रव करने वाले या उन्हें उकसाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कोई साक्ष्य/ फोटो/वीडियो आदि है तो तत्काल प्रशासन एवं पुलिस को उपलब्ध कराए। उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
– योगेश मेहरा, उप जिला मजिस्ट्रेट ऋषिकेश