हरिद्वार. जनवरी 2026 में 10वीं 12वीं की प्री बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी. फाइनल एग्जाम यानी बोर्ड के एग्जाम फरवरी माह के आखिर और मार्च के पहले सप्ताह तक शुरू हो जाएंगे. प्री बोर्ड परीक्षाएं विद्यालयों द्वारा ही कराई जाती हैं, जिसमें विद्यालय के शिक्षक अपने-अपने विषयों के पेपर तैयार करते हैं. प्री बोर्ड परीक्षाएं बोर्ड परीक्षाओं के पैटर्न पर आधारित होती हैं जिनका मूल उद्देश्य केवल छात्रों का रिवीजन करना होता है. प्री बोर्ड परीक्षाएं कराने से बच्चों की पढ़ाई का रिवीजन हो जाता है और उनके द्वारा की गई पढ़ाई मजबूत हो जाती है. बोर्ड एग्जाम को लेकर अक्सर बच्चों के मन में फेल होने का डर बना रहता है. एक्सपर्ट के अनुसार बोर्ड एग्जाम से पहले कुछ नियम बनाकर पढ़ाई करने पर एग्जाम में अच्छे नंबर आते हैं. चलिए जानते हैं कैसे???
प्री बोर्ड परीक्षाएं और बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर कैसे अपना डर खत्म करें और कैसे परीक्षाओं की तैयारी करें इसकी ज्यादा जानकारी के लिए हमने कॉमर्स अड्डा इंस्टीट्यूट के ओनर सीए आशुतोष से बातचीत की. उन्होंने बताया कि छात्रों की बोर्ड परीक्षाएं आने वाली हैं. ऐसे में छात्रों को घबराना नहीं है. छात्रों ने जितनी भी पढ़ाई की है अब उसके रिवीजन का समय है. छात्रों को बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर पैनिक यानी घबराने की जरुरत नहीं है, बल्कि पढ़ाई के लिए खुद से एक टाइम टेबल बनाना चाहिए. टाइम टेबल ऐसा बनाना है जो छात्रों के अनुकूल हो. किसी सोशल साइट यूट्यूब आदि को देखकर टाइम टेबल बनाने से आपको पढ़ाई करने में दिक्कत आ सकती है. वह बताते हैं कि छात्रों को अपनी पढ़ाई के सभी विषयों को तीन कैटिगरी यानी हिस्सों A, B और C में बांटना होगा. A कैटेगरी में उन चैप्टर को रखें, जिनको तैयार करने में कम समय लगेगा. B कैटेगरी में थोड़ा ज्यादा समय लगने वाले चैप्टर को रखें. जबकि C कैटेगरी में उन प्रश्न या चैप्टर को रखें, जिसे करने में सबसे अधिक समय लगेगा. ऐसा करने से आपकी पढ़ाई बेहद ही सरल और आपके अनुकूल हो जाएगी.
वह आगे बताते हैं कि दो प्रकार के छात्र होते हैं. पहले वह जो सालभर पढ़ाई करते हैं और दूसरे वह जो एग्जाम के समय पढ़ाई करते हैं. दोनों ही छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं की पढ़ाई में पैनिक नहीं होना है. जिन छात्रों द्वारा सालभर पढ़ाई की गई है वह अपनी पढ़ाई को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर पढ़ाई कर सकते हैं, जबकि जिन छात्रों द्वारा अभी तक पढ़ाई नहीं की गई वह अपने शिक्षकों से मदद ले सकते हैं या आसन विषयों और चैप्टर को हिस्सों में बांटकर पढ़ाई कर सकते हैं, जिससे उन्हें पास होने में कोई समस्या नहीं होगी. ऐसा करने से ध्यान में एकाग्रता, आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है और कठिन से कठिन विषय भी आसानी से तैयार हो जाता है. हरिद्वार शिक्षा अधिकारी आशुतोष भंडारी के अनुसार 17 जनवरी से जनपद में दसवीं और बारहवीं की प्री बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो जाएगी जिसके लिए जनपद के सभी स्कूलों को निर्देश दे दिए गए हैं.