लोकायुक्त पर जल्द कदम उठने की जग रही है उम्मीद, 2013 से उत्तराखंड कर रहा इंतजार

उत्तराखंड में लंबे समय से रिक्त लोकायुक्त पद पर जल्द नियुक्ति की उम्मीद है। 2013 से खाली इस पद को भरने के लिए जल्द ही एक खोजबीन समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति योग्य उम्मीदवारों के नामों की सिफारिश करेगी, जिस पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति अंतिम निर्णय लेगी। पूर्व में लोकायुक्त विधेयक को मजबूत करने के कई प्रयास हुए, और अब सरकार इस दिशा में सक्रिय कदम उठा रही है।

Pride of Devbhoomi

 देहरादून। प्रदेश में लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से चला आ रहा इंतजार जल्द समाप्त हो सकता है। इसके लिए जल्द ही लोकायुक्त के चयन को खोजबीन समिति का गठन किया जा सकता है। यह समिति लोकायुक्त के अध्यक्ष व सदस्यों के लिए योग्यता का निर्धारण करेगी। साथ ही वह आवेदनों का अध्ययन करते हुए पात्र नामों की संस्तुति करेगी। इसके बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित समिति इस पर अंतिम निर्णय लेगी।

प्रदेश में लोकायुक्त का पद काफी समय से रिक्त चल रहा है। वर्ष 2013 के बाद प्रदेश में किसी लोकायुक्त की तैनाती नहीं हुई है। दरअसल, प्रदेश में वर्ष 2002 में उत्तराखंड में लोकायुक्त की तैनाती हुई थी। उस समय सैयद रजा अब्बास को पहला लोकायुक्त बनाया गया। वर्ष 2008 में एमएम घिल्डियाल ने लोकायुक्त का पदभार संभाला। उन्होंने 2013 तक अपनी सेवाएं दीं। इस बीच प्रदेश में लोकायुक्त को मजबूत करने की कसरत चलती रही।

पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी (सेनि) ने वर्ष 2011 में लोकायुक्त विधेयक विधानसभा में पारित किया। इसमें मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री और अधिकारियों तक को इसके दायरे में लिया गया। इसे मंजूरी भी मिली लेकिन वर्ष 2014 में कांग्रेस की विजय बहुगुणा सरकार ने इस विधेयक में संशोधन कर दिया। यद्यपि, यह लागू नहीं हो पाया। इसके बाद वर्ष 2017 में भाजपा की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने नया लोकायुक्त विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत किया। यह पारित नहीं हो पाया है।

इस बीच गत वर्ष हाईकोर्ट के एक निर्णय के क्रम में सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गठित समिति ने इस पर विचार करते हुए एक चयन समिति का गठन करने का निर्णय लिया। विभिन्न कारणों से इस पर आगे कदम नहीं बढ़ पाए। सूत्रों की मानें तो प्रदेश सरकार इस दिशा में आगे कदम बढ़ा रही है। जल्द ही इसके लिए खोजबीन समिति का गठन किया जा सकता है।

लोकायुक्त के चयन के बाद नये सिरे से होगा कार्य

प्रदेश में लोकायुक्त के चयन के बाद नये सिरे से कार्यालय और कार्मिकों का चयन किया जाएगा। वर्ष 2023 तक कार्यालय में छह नियमित व शेष प्रतिनियुक्ति पर आए कर्मचारी तैनात थे। अब नियमित कर्मचारियों में से भी कुछ सेवानिवृत्त हो गए हैं।

Share This Article
Follow:
पंडित विराज कुमार शर्मा इस न्यूज़ पोर्टल के मुख्य संपादक हैं श्री विराज कुमार शर्मा ने लगभग 25 से अधिक वर्षों तक विभिन्न न्यूज पेपर्स के साथ कार्य किया है जैसे दैनिक आज शाह टाइम्स और मुख्यतः उन्होंने लगभग 24 वर्ष दैनिक जागरण के साथ कार्य किया है
Leave a comment