देहरादून:साइबर ठगों ने शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के सेवानिवृत्त उप महाप्रबंधक (डीजीएम) से लाखों रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम कंट्रोल पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
केदारपुरम निवासी और BEL के सेवानिवृत्त डीजीएम अरुण कुमार से अक्टूबर माह में व्हाट्सएप के जरिए एक महिला ने संपर्क किया, जिसने अपना नाम नेहा नोमुरा बताया। उसने शेयर बाजार से जुड़े फर्जी टिप्स और निवेश योजनाएं साझा कीं।
5 नवंबर को नेहा नोमुरा ने कुमार को एक कथित वित्तीय कंपनी का जाली सेबी (SEBI) पंजीकरण पत्र भेजा और इसके बाद एक फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म का रजिस्ट्रेशन लिंक दिया।
शुरुआत में 5,000 रुपये जमा कराने के बाद, कुमार ने 5 नवंबर से 4 दिसंबर के बीच कुल 36 लेनदेन किए, जिनकी कुल राशि 52.97 लाख रुपये हो गई।
4 दिसंबर को जब कुमार ने राशि निकालने का अनुरोध किया, तो ठगों ने अतिरिक्त शुल्क की मांग की। 8 दिसंबर को और पैसे मांगे जाने पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने मामले की शिकायत दर्ज कराई।
*साइबर पुलिस द्वारा मामला दर्ज*
साइबर एएसपी कुश मिश्रा ने बताया,
“हमें शेयर बाजार ट्रेडिंग से जुड़े साइबर फ्रॉड की शिकायत मिली है। लिखित शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उनकी जांच की जा रही है।”
*साइबर पुलिस की जनता से अपील*
एएसपी कुश मिश्रा ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि:
* आकर्षक ऑफर्स, फर्जी वेबसाइटों या जल्दी मुनाफे के वादों पर भरोसा न करें। ठग इसी तरह लोगों को फंसाते हैं।
* फर्जी निवेश योजनाओं से बचें और किसी भी ऑनलाइन निवेश से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच करें।
* बिना पहचान सत्यापित किए अजनबियों से दोस्ती न करें और न ही अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करें।
* किसी भी वेबसाइट या कंपनी में आवेदन या निवेश से पहले उसकी पुष्टि अवश्य करें।
* इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर खोजने से बचें, क्योंकि कई नंबर फर्जी होते हैं।
एएसपी मिश्रा ने बताया कि तेजी से बढ़ रहे निवेश घोटालों में लाखों लोग फंस चुके हैं। ठग पहले छोटे रिटर्न देकर भरोसा जीतते हैं और फिर बड़े निवेश के लिए दबाव बनाते हैं।
उन्होंने सलाह दी कि अत्यधिक या तुरंत मुनाफे का वादा करने वाले निवेश से बचें। किसी भी तरह का संदेह होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस या साइबर क्राइम थाने से संपर्क करें। वित्तीय साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत *साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930* पर कॉल करें।