गोपेश्वर (चमोली): सप्ताहंत और नए वर्ष का जश्न मनाने के लिए उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों पर सैलानी उमड़ने लगे हैं। पहाड़ों पर रौनक देखने लायक है। भले ही अब तक बर्फबारी नहीं हुई है, लेकिन इस आस को लेकर औली सहित अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच गए हैं। बर्फविहीन पर्वत शृंखलाएं भी उन्हें विशेष अनुभूति दे रही है।
औली में शुक्रवार को पर्यटकों के वाहनों का ऐसा रेला उमड़ा कि जाम लग गया। भीड़ का आलम यह रहा कि पर्यटकों को सड़क किनारे ही वाहनों को पार्क करना पड़ा। मसूरी, चोपता, धनोल्टी, टिहरी झील, कणाताल, नागटिब्बा, चकराता, लैंसडौन, रैथल व दयारा बुग्याल में भी पर्यटकों का तांता लगा हुआ है। होटलों की बुकिंग 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है। 27 दिसंबर को को चौथा शनिवार और 28 को रविवार होने के कारण दो दिन पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है।
गोपेश्वर (चमोली): सप्ताहंत और नए वर्ष का जश्न मनाने के लिए उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों पर सैलानी उमड़ने लगे हैं। पहाड़ों पर रौनक देखने लायक है। भले ही अब तक बर्फबारी नहीं हुई है, लेकिन इस आस को लेकर औली सहित अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच गए हैं। बर्फविहीन पर्वत शृंखलाएं भी उन्हें विशेष अनुभूति दे रही है।
औली में शुक्रवार को पर्यटकों के वाहनों का ऐसा रेला उमड़ा कि जाम लग गया। भीड़ का आलम यह रहा कि पर्यटकों को सड़क किनारे ही वाहनों को पार्क करना पड़ा। मसूरी, चोपता, धनोल्टी, टिहरी झील, कणाताल, नागटिब्बा, चकराता, लैंसडौन, रैथल व दयारा बुग्याल में भी पर्यटकों का तांता लगा हुआ है। होटलों की बुकिंग 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है। 27 दिसंबर को को चौथा शनिवार और 28 को रविवार होने के कारण दो दिन पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है।
सैलानियों में उत्साह
मुंबई से औली पहुंचे सचिन पांडया ने कहा कि औली की पहचान भले ही बर्फ से हो लेकिन इसकी सूबसूरती बर्फ के बिना भी है। यहां पर्वत शृंखलाओं के बीच रहने का आनंद ही कुछ अलग है। दोस्तों के साथ औली पहुंचे कानपुर के अक्षित ने कहा कि बिना बर्फ के भी यहां बुग्याल और जंगलों का अनुभव आनंदित करता है। औली में पर्यटन कारोबारी अजय भट्ट का कहना है कि 4000 से अधिक पर्यटक औली पहुंचे हैं।
मसूरी में रौनक बढ़ी
मसूरी : मसूरी व समीपवर्ती पर्यटन स्थल, बाजार व मालरोड पूरे देर रात तक गुलजार रहे। कैंपटी फाल, भट्ठाफाल, बुरांशखंडा, गनहिल, चार दुकान, जार्ज एवरेस्ट, अटल उद्यान में दिनभर पर्यटकों की आवाजाही रही। मसूरी में चल रहे छह दिवसीय विंटरलाइन कार्निवाल से भी पर्यटकों की आमद बढ़ी है। हालांकि किंक्रेग-लाइब्रेरी-जीरो प्वाइंट मार्ग, किंक्रेग-मैसानिक लाज-घंटाघर मार्ग तथा मलिंगार-चार दुकान मार्ग पर दिनभर रुक रुक कर जाम लगता रहा। होटल शनिवार के लिए 70 से 80 प्रतिशत तक बुक हो चुके हैं।