शारदा घाट और मां पूर्णागिरि धाम का 107.35 करोड़ की लागत से होगा विकास, श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

शासन ने टनकपुर शारदा घाट और मां पूर्णागिरि मंदिर के विकास के लिए 107.35 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना, सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण करना और आधारभूत संरचना को मजबूत करना है। प्रथम चरण में 42.94 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी हो चुकी है। इससे श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। यह मुख्यमंत्री धामी का ड्रीम प्रोजेक्ट है।

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Highlights
  • परियोजना के पूर्ण होने पर घाट क्षेत्र का सौंदर्यीकरण तो होगा ही, पथ, प्रकाश, बैठने की सुविधा भी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को मिलेंगी। शारदा रिवरफ्रंट परियोजना के अंतर्गत पूर्णागिरि मंदिर एवं पहुंच मार्ग पर वन सूचना केंद्र, सहायक सुविधाओं का विकास एवं भीड़ प्रबंधन के कार्य होंगे। इससे लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम यात्रा सुविधा मिलेगी। डीएम ने बताया कि परियोजना स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं पर्यटन विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। बताया कि मां पूर्णागिरि धाम का विकास एवं शारदा घाट का सौंदर्यीकरण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा है।
  • धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक संरक्षण, आधारभूत संरचना मजबूत होगी।
  • श्रद्धालुओं को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

 चंपावत। शासन ने टनकपुर शारदा घाट के विकास के लिए 107.35 करोड़ एवं पूर्णागिरि मंदिर विकास के लिए 5.34 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है। इस धनराशि का उपयोग धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण में किया जाएगा।

परियोजना के प्रथम चरण में कुल स्वीकृत धनराशि की 40 प्रतिशत राशि 42.94 करोड़ रुपये की प्रथम किस्त जारी हो गई है। निर्माण कार्य पीआईयू, सिंचाई विभाग करेगा।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि दोनों परियोजनाओं के निर्माण के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। उत्तराखंड निवेश एवं आधारभूत संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) के अंतर्गत धनराशि मिली है। शारदा नदी के तट को आधुनिक सुविधाओं से युक्त, सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

परियोजना के पूर्ण होने पर घाट क्षेत्र का सौंदर्यीकरण तो होगा ही, पथ, प्रकाश, बैठने की सुविधा भी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को मिलेंगी। शारदा रिवरफ्रंट परियोजना के अंतर्गत पूर्णागिरि मंदिर एवं पहुंच मार्ग पर वन सूचना केंद्र, सहायक सुविधाओं का विकास एवं भीड़ प्रबंधन के कार्य होंगे।

इससे लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम यात्रा सुविधा मिलेगी। डीएम ने बताया कि परियोजना स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं पर्यटन विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। बताया कि मां पूर्णागिरि धाम का विकास एवं शारदा घाट का सौंदर्यीकरण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

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पंडित विराज कुमार शर्मा इस न्यूज़ पोर्टल के मुख्य संपादक हैं श्री विराज कुमार शर्मा ने लगभग 25 से अधिक वर्षों तक विभिन्न न्यूज पेपर्स के साथ कार्य किया है जैसे दैनिक आज शाह टाइम्स और मुख्यतः उन्होंने लगभग 24 वर्ष दैनिक जागरण के साथ कार्य किया है
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