रानीखेत/भिकियासैंण । एक झटका और पलक झपकते ही सात मौतें। द्वाराहाट रामनगर रोड पर विनायक क्षेत्र के शिलापानी में चालक ने गड्ढे से बचने को इमर्जेंसी ब्रेक लगाया। मगर गड्ढे के उछाल ने बस को खाई की ओर धकेल दिया। सबसे पहले बस में बैठी नंदी देवी को इसी लापरवाही के गड्ढे के झटके व सहयात्रियों की चीखपुकार से सदमे में चली गई। वहीं मौत को मात देकर बच निकले जीआइसी द्वाराहाट में शिक्षक राजेश कुमार (राकेश) ने कहा कि काश! गड्ढा न होता और स्टेयरिंग घूम जाता तो हादसा भी न होता।
विनायक क्षेत्र में शिलापानी क्षेत्र में जहां से बस खाई में गिरी, वहां पर मोड़ तीखा पर चौड़ा है। मगर गड्ढा जानलेवा साबित हुआ। ढलान में चालक की नजर गड्ढे पर पड़ी तो उसने बस को किनारे से निकालने का भरसक प्रयास किया। इमर्जेंसी ब्रेक भी लगाए। हादसे में घायल लक्ष्मपुर चौक (देहरादून) निवासी शिक्षक राजेश कुमार चालक के ठीक पीछे वाली सीट पर बैठे थे। उन्होंने बताया कि वह हल्की नींद में थे। मगर झटका इतना जबर्दस्त था कि मंजर देख वह एकबारगी सुधबुध खो बैठे।
चीखपुकार के बीच उन्होंने ड्राइवर सीट से लगी लोहे की राड को कस कर पकड़ लिया। इमर्जेंसी ब्रेक का झटका व गड्ढे के उछाल से बस चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई। चालक स्टेयरिंग भी नहीं घूमा सका। सड़क से खाई की ओर पलटी। तीन पलटियां लेने के बाद क्या हुआ शिक्षक को खुद नहीं मालूम। राहत व बचाव दल जब उसे लेकर सड़क तक पहुंचे, तब उसे कुछ होश आया।
दिल में डर और आ गई खबर
नौबाड़़ा (भिकियासैंण ब्लाक) निवासी नंदी देवी को उसका पति दिनेश सिंह जब बस में बैठाने पहुंचा तो वह खाली थी। उसने बताया कि पत्नी नंदी को गाड़ी में बैठा तो दिया लेकिन उसका दिल डर रहा था। अनहोनी की आशंका उसे सताने लगी। करीब साढ़े छह बजे बस रवाना हुई और एकाध घंटे के भीतर बस दुर्घटना की खबर आ गई। उसकी पत्नी को रामनगर चिकित्सालय से एसटीएच हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है। उसे सिर पर गहरी चोट के साथ ही गहरा सदमा लगा है।