चकराता : Uttarakhand Ka Mausam मौसम के मिजाज में बदलाव के कारण पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। इस स्थिति से तापमान में और गिरावट दर्ज की गई। लोग और पर्यटक ठंड से कांपते नजर आए। सभी ने ठंड से राहत पाने के लिए अलाव का सहारा लिया। घरों के अंदर अंगीठियां जलती रहीं।
पहली बर्फबारी की है प्रबल संभावना
वहीं, स्थानीय निवासियों और पर्यटकों में बर्फबारी को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। यदि मौसम इसी तरह बना रहा, तो आने वाले दिनों में चकराता, लोखंडी, कोटी कनासर, देववन और आसपास के ऊंचे क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी की प्रबल संभावना है।
तापमान में दर्ज की गई और गिरावट
साल के पहले दिन चकराता सहित पूरे जौनसार बावर क्षेत्र में आसमान पर बादल छाए रहे। इससे दिनभर ठिठुरन बनी रही। शाम होते-होते तापमान में और गिरावट दर्ज की गई। सर्द हवा के साथ शाम ढलते ही ज्यादातर लोगों ने घरों से बाहर निकलना मुनासिब नहीं समझा।
अलाव तापते नजर आए लोग
बाजार, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग अलाव तापते नजर आए। ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर और अधिक रहा। मौसम के इस बदलाव को देखते हुए ऊंचाई वाले इलाकों में जल्द बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।