सावधान! हफ्तेभर से देहरादून की आबोहवा ”जहरीली”, दिल्ली से भी खराब हुए हालात

देहरादून में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है, बीते एक सप्ताह से हवा 'बेहद खराब' श्रेणी में है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार 300 के आसपास दर्ज किया जा रहा है, जो दिल्ली से भी अधिक प्रदूषित है। यह स्थिति दमा और सांस के मरीजों के लिए गंभीर खतरा है। बढ़ते वाहन, निर्माण कार्य और ठंड के कारण प्रदूषक कण जमा हो रहे हैं। डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

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Highlights
  • देहरादून की हवा एक सप्ताह से 'बेहद खराब' श्रेणी में।
  • दून का AQI दिल्ली से भी अधिक प्रदूषित दर्ज।
  • सांस के मरीजों और बच्चों को सतर्क रहने की सलाह।

 देहरादून। राजधानी देहरादून में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक होता जा रहा है। बीते करीब एक सप्ताह से दून की हवा बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) लगातार 300 के आसपास दर्ज किया जा रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक माना जाता है। खासकर दमा, अस्थमा और सांस संबंधी बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए यह स्थिति गंभीर खतरे का संकेत है, जबकि सामान्य लोगों को भी लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से नुकसान हो सकता है। हैरानी की बात यह कि दून की हवा दिल्ली से भी अधिक प्रदूषित हो गई है।

दून में शुक्रवार को दून में एक्यूआइ दिनभर 280 के आसपास दर्ज किया जाता रहा। हालांकि, 24 घंटे का औसत 255 और दिल्ली में 236 दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट है कि दून की आबोहवा दिल्ली से भी खराब हो गई है। वहीं, बीते एक सप्ताह से दून का औसत एक्यूआइ लगातार 300 के आसपास दर्ज किया जा रहा है। इसी अवधि में पीएम 10 और पीएम 2.5 के स्तर भी सामान्य से कई गुना अधिक दर्ज किए गए हैं। पीएम 2.5 की मात्रा 120 से 150 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के आसपास बनी हुई है, जो फेफड़ों और हृदय पर गंभीर असर डाल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार पीएम 2.5 के सूक्ष्म कण सीधे रक्त प्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते वाहन, निर्माण कार्य, ठंड के मौसम में तापमान गिरने और हवा की गति कम होने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो रहे हैं। यही कारण है कि दिल्ली समेत अन्य महानगरों की तरह देहरादून की हवा भी लगातार खराब होती जा रही है। डाक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने, मास्क का उपयोग करने और घरों में वायु शुद्धिकरण के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

वहीं आम नागरिकों से भी अनावश्यक वाहन प्रयोग से बचने और प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करने की अपील की जा रही है। गौरतलब है कि दून में दर्ज किए गए एक्यूआइ के आंकड़े दून विश्वविद्यालय क्षेत्र के हैं, जो शहर का बाहरी इलाका है। जबकि, घंटाघर, प्रिंस चौक जैसे व्यस्ततम क्षेत्रों में स्थिति और खराब होने की आशंका है।

दून में औसत एक्यूआइ की स्थिति

  • दिन, एक्यूआइ
  • दो जनवरी, 255
  • एक जनवरी, 306
  • 31 दिसंबर, 328
  • 30 दिसंबर, 318
  • 29 दिसंबर, 295
  • 28 दिसंबर, 301
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पंडित विराज कुमार शर्मा इस न्यूज़ पोर्टल के मुख्य संपादक हैं श्री विराज कुमार शर्मा ने लगभग 25 से अधिक वर्षों तक विभिन्न न्यूज पेपर्स के साथ कार्य किया है जैसे दैनिक आज शाह टाइम्स और मुख्यतः उन्होंने लगभग 24 वर्ष दैनिक जागरण के साथ कार्य किया है
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