इसी महीने 16 शहरों की योजनाएं होंगी फाइनल
जल निगम के एमडी रणवीर सिंह चौहान के अनुसार इसी महीने वर्ल्ड बैंक की टीम के साथ मिल कर 28 शहरों में से 16 शहरों की योजनाओं को चिन्हित कर फाइनल किया जाएगा। इसके बाद कुल 1600 करोड़ के बजट के 30 प्रतिशत के टेंडर कराए जाएंगे। इसके बाद पूरा प्रोजेक्ट केंद्र सरकार को भेज कर मंजूर कराया जाएगा। उत्तराखंड के तेजी से उभरते शहरों में पेयजल का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने में इस प्रोजेक्ट की बेहद अहम भूमिका रहेगी। यहां एक लाख के करीब घरों की छह लाख की आबादी को 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
तीन महीने के भीतर टेंडर, छह महीने में काम शुरू
केंद्र सरकार की नई व्यवस्था से पेयजल योजनाओं के काम में तेजी आएगी। जल निगम को इस परियोजना के लिए तीन महीने के भीतर टेंडर कराने होंगे। छह महीने के भीतर काम शुरू करना होगा। इसके लिए वर्ल्ड बैंक के साथ योजनाओं को चिन्हित करते हुए केंद्र से मंजूरी मिलते प्रस्तावित काम शुरू किए जाएंगे।
इन शहरों में होना है काम
सेलाकुईं, चकराता, हरिद्वार में रामपुर, पाडली गुज्जर, इमलीखेड़ा, रुद्रप्रयाग में उखीमठ, अगस्त्यमुनी, तिलवाड़ा, टिहरी कैम्प्टी, उत्तरकाशी में पुरोला, बड़कोट, नौगांव, चिन्यालीसौड़, चमोली में गैरसैंण, नंदप्रयाग, गोपेश्वर, यूएसनगर में सुल्तानपुर पट्टी, दिनेशपुर, गुलरभोज, नगला, केलाखेड़ा, लालपुर, महुवाडाबरा, नैनीताल में भीमताल, भवाली, कालाढूंगी, बागेश्वर आदि।
एमडी जल निगम के एमडी रणवीर सिंह चौहान ने कहा कि वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट में नए शहरों में पेयजल का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया जाएगा। जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर प्रोजेक्ट मंजूरी को केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।