द्वाराहाट। अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच तथा इंटरनेट पर नाम सार्वजनिक हुए वीआइपी नेताओं की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जनसैलाब सड़कों पर उतर आया। चारों तरफ से भाजपा सरकार पर हमले हुए। आरोप लगाया कि देश की संपत्ति बेच रही भाजपा अब बेटियों के मोलभाव पर भी उतर आई है। एक ओर कांग्रेस के नेतृत्व में मातृशक्ति ने हुंकार भरी। दूसरी ओर उक्रांद ने भी प्रदर्शन कर अपने तेवर दिखाए। उधर सल्ट में भी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन सिंह माहरा की अगुआई में जुलूस प्रदर्शन हुआ।
क्रांग्रेस कार्यकर्ता घटगाड़ पुल पर एकत्र हुए। हाथों में पोस्टर बैनर लेकर सैकड़ों कार्यकर्ता मुख्य चौराहा तक आक्रोश रैली निकाली। जिसमें विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भागीदारी कर सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोला। बाद में मुख्य चौराहा पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मदन सिंह बिष्ट ने भाजपा सरकार पर जमकर प्रहार किए। कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के तुरंत बाद कांग्रेस ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। तब अपने नेताओं को बचाने के भरपूर प्रयास किए गए।
अब पार्टी का पूर्व विधायक और उसकी कथित पत्नी अपने नेताओं के नाम सार्वजनिक कर रहे हैं तो सच्चाई सामने आ चुकी है। सरकार में थोड़ी सी भी शर्म बाकी है तो उक्त प्रकरण की सीबीआई जांच करवाए। सब दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। ब्लाक प्रमुख डा. आरती किरौला तथा नगर पंचायत अध्यक्ष संगीता आर्या ने भी भाजपा पर जमकर प्रहार किए। सरकार और पार्टी को महिला विरोधी बताया। कहा कि इनके राज में कोई भी सुरक्षित नहीं। कई अन्य कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित कर अंकिता भंडारी के स्वजनों को न्याय दिलाने की आवाज बुलंद की।
उत्तराखंड क्रांति दल ने भी दिखाए तेवर
द्वाराहाट: अंकिता भंडारी मामले में उक्रांद ने भी अपने तेवर दिखाए। त्रिमूर्ति चौराहा पर धरना प्रदर्शन कर सरकार को घेरा। ये गट्टू गट्टू कौन है ये सरकार क्यों मौन है जैसे नारे लगाए। इसके अतिरिक्त जन गीतों के माध्यम से संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया। दल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष व पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने भाजपा पर पूरे राज्य को असुरक्षित करने का आरोप लगाया।
कहा कि अंकिता हत्याकांड में सरकार को पता था कि मामले में उनके अपने नेता संलिप्त हैं। इसीलिए बुल्डोजर चला रातों रात सुबूत नष्ट कर दिए गए। भाजपा सरकार में बेटियां, नौकरियां, जमीन, जंगल कुछ भी सुरक्षित नहीं हैं। जिलाध्यक्ष जगदीश रौतेला, राज्य आंदोलनकारी बीरेंद्र बजेठा, सुशील साह, बिपिन पंत, कुंदन बिष्ट, चतुर सिंह किरौला आदि ने भी संबोधित किया।