उत्तराखंड में एडमिशन के नाम पर डोनेशन लेने वाले प्राइवेट स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी, मान्यता होगी रद

उत्तराखंड में निजी स्कूलों द्वारा दाखिले के नाम पर डोनेशन लेने पर मान्यता रद्द की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्कूल केवल निर्धारित शुल्क ही वसूल सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध स्कूलों के खिलाफ शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। स्कूलों को वार्षिक रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी।

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 देहरादून। प्रदेश में संचालित किसी भी बोर्ड के निजी विद्यालय यदि दाखिले के नाम पर डोनेशन या चंदा लेते पाए गए तो उनकी मान्यता रद की जाएगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि निजी स्कूल केवल वही शुल्क वसूल कर सकेंगे, जो शासन की ओर से निर्धारित है।

इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने राज्य के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

निदेशक ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सीबीएसई एवं आइसीएसई बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों के विरुद्ध लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इन शिकायतों के आधार पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली की 18 अक्टूबर, 2018 की अधिसूचना के अनुरूप कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिसूचना में विद्यालयों को केवल संचालन व्यय की पूर्ति तक सीमित शुल्क लेने की अनुमति दी गई है। निर्देशों के अनुसार कोई भी समिति या विद्यालय छात्रों के दाखिले के उद्देश्य से प्रति व्यक्ति कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं ले सकेगा। शुल्क की वसूली केवल शिक्षा विभाग की ओर से निर्धारित शीर्षों में ही की जा सकेगी।

इसके अलावा शुल्क में किसी भी प्रकार का संशोधन बिना सक्षम प्राधिकारी अथवा निर्धारित प्रक्रिया की पूर्व स्वीकृति के नहीं किया जा सकेगा।

यह भी स्पष्ट किया गया है कि राज्य या केंद्र सरकार की ओर से फीस विनियमन को लेकर बनाए गए सभी अधिनियम और नियम सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों पर भी समान रूप से लागू होंगे। विद्यालयों को अपनी वार्षिक व्यापक सूचना रिपोर्ट तैयार कर हर वर्ष 15 सितंबर से पहले विद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।

इस रिपोर्ट में विद्यालय का नाम, पता, संपर्क विवरण, संबद्धता की स्थिति, अवसंरचना, शैक्षणिक कैलेंडर, शिक्षकों की योग्यता व प्रशिक्षण, शैक्षणिक व खेल उपलब्धियां, पीटीए गतिविधियां और विद्यार्थियों की संख्या सहित सभी जरूरी जानकारियां शामिल होंगी। शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए मान्यता रद की जाएगी।

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पंडित विराज कुमार शर्मा इस न्यूज़ पोर्टल के मुख्य संपादक हैं श्री विराज कुमार शर्मा ने लगभग 25 से अधिक वर्षों तक विभिन्न न्यूज पेपर्स के साथ कार्य किया है जैसे दैनिक आज शाह टाइम्स और मुख्यतः उन्होंने लगभग 24 वर्ष दैनिक जागरण के साथ कार्य किया है
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