देहरादून: सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन की ओर से आइटीबीपी के पंडित गौतम कौल स्टेडियम में आयोजित दो दिवसीय माल्टा महोत्सव ‘घाम तापो–नींबू सानो’ का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन फाउंडेशन की संस्थापक एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पत्नी गीता धामी, मुख्यमंत्री की माता बिशना देवी तथा हिमवीर वाइफ वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. मंदिरा गुंज्याल ने संयुक्त रूप से किया।
महोत्सव के पहले दिन उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। पारंपरिक गीत-संगीत, लोकनृत्य और स्थानीय व्यंजनों के साथ पहाड़ की खुशबू और स्वाद ने आयोजन को खास बना दिया।
इस अवसर पर गीता धामी ने कहा कि माल्टा उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कृषि और स्वास्थ्यवर्धक जीवनशैली का प्रतीक है। यह राज्य की विशिष्ट जलवायु, उपजाऊ मिट्टी और स्थानीय पहचान से गहराई से जुड़ा उत्पाद है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से काश्तकारों और स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक संबल मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल माल्टा को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के सभी पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास है।
कैंट विधायक सविता कपूर ने कहा कि माल्टा उत्तराखंड की पहचान है और पारंपरिक वेशभूषा, खानपान व लोकसंस्कृति को सहेजना समय की जरूरत है। नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों का निरंतर आयोजन आवश्यक है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि माल्टा महोत्सव जैसे आयोजन लोकसंस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम हैं। इससे महिलाओं को अपने उत्पादों और हुनर को मंच मिलता है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ती हैं।
राज्य स्तरीय महिला उद्यमिता परिषद की उपाध्यक्ष विनोद उनियाल ने माल्टा को स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए इसके उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर जोर दिया। उत्तराखंड राज्य सलाहकार श्रम संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत ने कहा कि पहाड़ों में माल्टा प्रचुर मात्रा में होता है, लेकिन उचित बाजार और सही मूल्य के अभाव में किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। मुख्यमंत्री की पहल पर नींबू वर्गीय फलों के उत्पादन और विपणन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी ने ‘घाम तापो–नींबू सानो’ को उत्तराखंड की पारंपरिक जीवनशैली का प्रतीक बताते हुए इसे राज्य से बाहर तक ले जाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में आईटीबीपी उत्तरी फ्रंटियर के आईजी संजय गुंज्याल, आवास सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष श्याम अग्रवाल, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।