हरिद्वार : बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के विरुद्ध हो रहे अत्याचारों को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे “पालिटिकल इस्लाम की क्रूर और बर्बर मानसिकता” का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि यह एक देश का विषय नहीं, बल्कि वैश्विक मानवाधिकार और सभ्य समाज की चेतना से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, जिस पर संपूर्ण विश्व को एकजुट होकर हस्तक्षेप करना होगा।
मंगलवार को विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने हरिद्वार में अखंड परमधाम के स्वामी युग पुरुष परमदेव, निर्मल आखाड़े में ज्ञान देव और महानिर्वाणी अखाड़े में श्रीमंहत रविंद्र पुरी महाराज से भेंट की।
इस दौरान मीडिया से बातचीत में विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि बांग्लादेश में हर चुनाव से पहले और कई बार चुनाव के बाद भी हिंदुओं पर हमले, उत्पीड़न, यातनाएं और हत्याएं शुरू हो जाती हैं। यह सिलसिला कोई नया नहीं, बल्कि 1946 से निरंतर चला आ रहा है। पालिटिकल इस्लाम की वह प्रवृत्ति, जो हिंसा, क्रूरता और दमन में विश्वास रखती है, आज खुलकर सामने आ रही है।
इसलिए विहिप का प्रयास है कि इस विषय में पूरी दुनिया की चेतना को जागृत किया जाए। उन्होंने बताया कि विश्व हिंदू परिषद उन सभी देशों की सरकारों से संपर्क कर रही है, जहां हिंदू रहते हैं, ताकि वे बांग्लादेश पर दबाव बनाएं।
इसके साथ ही जो देश बांग्लादेश को आर्थिक सहायता और अन्य सहयोग प्रदान करते हैं, उनसे भी आग्रह किया जा रहा है कि वे हिंदुओं के विरुद्ध हो रहे अत्याचारों को तत्काल रोकने के लिए बांग्लादेश सरकार पर प्रभावी दबाव डालें।
आलोक कुमार ने कहा कि यह अत्याचार कम नहीं, बल्कि शीघ्र और पूर्ण रूप से बंद होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विहिप को अपेक्षा थी कि जमात, जमीयत, देवबंदी और उलेमा जैसे इस्लामी संगठन भी इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे। लेकिन किसने नहीं दी।
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ‘दीपू’ की बांग्लादेश में हत्या की गई, उसने सभी धर्मों को समान बताया था। यदि इस प्रकार की हिंसा को जायज ठहराया जाएगा, तो फिर भारत जैसे लोकतांत्रिक और बहुधार्मिक देश में ऐसी सोच को कैसे स्वीकार किया जा सकता है।
आलोक कुमार ने कहा कि जिहाद की अतिवादी और विकृत व्याख्या आज के समय में कालबाह्य हो चुकी है। इस सच्चाई को मुसलमान समाज को भी समझना होगा, इस सोच से केवल हिंदू ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता भी प्रभावित हो रही है।
जेएनयू में लगे नारे स्वीकार्य नहीं
हरिद्वार : विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में वामपंथी छात्र संगठनों की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध लगाए गए नारों को भी आपत्तिजनक बताया।
उन्होंने कहा कि राजनीति में असहमति और विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन जब उमर खालिद जैसे व्यक्ति पर राजद्रोह जैसे गंभीर आरोप हों और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जमानत से इनकार किया गया हो, तब ऐसे व्यक्ति के समर्थन में नारेबाजी करना स्वीकार्य नहीं हो सकता। इस तरह की गतिविधियों को समाज को समझना होगा और उनका जवाब भी देना होगा।