बागेश्वर । उत्तरायणी मेला भव्य होगा। मेले की झांकी 13 जनवरी को निकलेगी। उस दिन नगर में यातायात व्यवस्था पूर्ण रूप से बंद रहेगी। झांकी तहसील परिसर से एसबीआइ चौराहा होते हुए सरयू पुल के माध्यम से नुमाइश खेत तक निकाली जाएगी। सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम नुमाइश खेत में आयोजित होंगे, जबकि खेल गतिविधियां सरयू बगड़ में होंगी।
बुधवार को कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। जिसमें मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, अग्निशमन सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध रूप से सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तरायणी मेला जनपद की सांस्कृतिक पहचान है, इसलिए मेला अवधि के दौरान श्रद्धालुओं और आगंतुकों की सुविधा एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने पेयजल, शौचालय, सफाई और लाइटिंग की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पानी और शौचालयों के लिए स्पष्ट व उपयुक्त साइनेज लगाने को कहा, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। पार्किंग व्यवस्था को सिस्टेमेटिक और आर्गेनाइज्ड तरीके से संचालित करने, हेल्प डेस्क स्थापित करने, रेन बसेरों की समुचित व्यवस्था करने तथा पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए।
सभी विभागों को अपने-अपने कार्यों से संबंधित सेफ्टी सर्टिफिकेट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा और स्पष्ट किया कि सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। लोनिवि सभी पुलों के किनारों पर कंटीले तार लगाने तथा पुलों पर भार वहन क्षमता से संबंधित सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। नगर पालिका को महिलाओं के लिए पर्याप्त संख्या में शौचालयों की व्यवस्था करने और सरयू बगड़ में बड़े आकार का चेंजिंग रूम बनाए जाने के निर्देश भी दिए।
पुलिस को कानून व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ प्रबंधन करने तथा बाहर से आने वाले व्यक्तियों का सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के, मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी, अपर जिलाधिकारी एनएस नबियाल, एसडीएम प्रियंका रानी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।