कैंची धाम में बाबा के दर पर मत्था टेकने में Gen Z सबसे आगे, आंकड़े जानकर चौंक जाएंगे आप

कैंची धाम में युवा (Gen Z) श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक है, जो कुल भक्तों का 67% से अधिक है। अर्थ एवं संख्या विभाग के अध्ययन के अनुसार, नेपाल और नीदरलैंड जैसे देशों से भी भक्त पहुंच रहे हैं। अधिकांश श्रद्धालु आध्यात्मिक उद्देश्य से आते हैं, लेकिन पार्किंग, शौचालय और स्वच्छता जैसी सुविधाओं की कमी से असंतुष्ट हैं। पर्यटन विभाग अब इन समस्याओं को दूर करने की योजना बना रहा है।

Pride of Devbhoomi

हल्द्वानी । कैंची धाम की ख्याति पूरी दुनिया में फैली है। यही कारण है कि इस धाम में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। हनुमान भक्त नीब करौरी महाराज के दर पर मत्था टेकने वालों में सबसे अधिक 67 प्रतिशत से अधिक युवा यानी जेन जी हैं, जिनकी उम्र 15 से 30 वर्ष के बीच है। देशभर के श्रद्धालुओं में सबसे अधिक श्रद्धालु उत्तर प्रदेश से पहुंचते हैं।

विदेश में भी बाबा के प्रति आस्था है। नेपाल से लेकर नीदरलैंड से भी लोग बाबा के दर्शन को पहुंचे हैं। इसमें अच्छा यह है कि सबसे अधिक यानी 99 प्रतिशत श्रद्धालु आध्यात्मिक उद्देश्य के लिए ही बाबा के दर पर आते हैं। यह अध्ययन अर्थ एवं संख्या विभाग ने किया है। इस अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर श्रद्धालुओं को यहां सबसे बड़ी कमी पार्किंग को लेकर अखरती है। शौचालय व स्वच्छता को लेकर भी श्रद्धालुओं ने नाराजगी जताई है। अब इस रिपोर्ट के आधार पर पर्यटन विभाग सुनियोजित विकास के लिए जुट गया है।

टन विभाग के सहयोग से अर्थ एवं संख्या विभाग ने अगस्त, सितंबर व अक्टूबर 2025 में तीन हजार श्रद्धालुओं पर अध्ययन किया। इसमें पाया कि देश-दुनिया से आने वाले 73.40 प्रतिशत पर्यटक केवल कैंची धाम तक ही सीमित रहे हैं। जबकि शेष ने नैनीताल, भवाली, भीमताल, मुक्तेश्वर, अल्मोड़ा, कौसानी, जागेश्वर व रानीखेत जैसे अन्य पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण किया। 64.77 प्रतिशत पर्यटक एक ही दिन में दर्शन कर लौट गए। केवल 22 प्रतिशत पर्यटक ही होटल या होमस्टे में रुके, जबकि अधिकांश श्रद्धालु दर्शन को ही प्राथमिक उद्देश्य मानते हैं।

इस सर्वे के अनुसार, 82.47 प्रतिशत श्रद्धालु उत्तराखंड के बाहर के राज्यों से आए थे, जबकि 17.33 प्रतिशत ही स्थानीय थे। सबसे अधिक यानी 29.13 प्रतिशत श्रद्धालु उत्तर प्रदेश से आए हैं। इसके बाद दिल्ली से 13.04 प्रतिशत, 11.37 प्रतिशत बिहार के हैं।विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या 0.20 प्रतिशत ही रही है। इसमें नेपाल और नीदरलैंड के लोग हैं।

सर्वे रिपोर्ट की स्थिति

  • 67.17 प्रतिशत पर्यटक 15 से 30 वर्ष
  • 26.03 प्रतिशत 30 से 45 वर्ष
  • 79 प्रतिशत पुरुष
  •  21 प्रतिशत महिलाएं

सुविधाएं विकसित न होने नाराजगी
सर्वें में यह भी देखा गया कि 74 प्रतिशत पर्यटक पार्किंग व्यवस्था से असंतुष्ट थे। 58 प्रतिशत ने शौचालय व स्वच्छता सुविधाओं पर नाराजगी जताई।54 प्रतिशत कचरा प्रबंधन और 52 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नाराज दिखे। जबकि 24 प्रतिशत साफ-सफाई से संतुष्ट नहीं थे।

आध्यात्मिक दर्शन ही श्रद्धालुओं का उद्देश्य
सर्वें में यह भी सामने आया कि 95.3 प्रतिशत श्रद्धालु केवल आध्यात्मिक उद्देश्य से ही कैंची धाम पहुंचे। इसमें से 40.6 प्रतिशत श्रद्धालु दूसरी दर्शन करने पहुंचे। इसमें 99 प्रतिशत श्रद्धालुओं को एक घंटे से कम समय में दर्शन कर लिया।

 

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पंडित विराज कुमार शर्मा इस न्यूज़ पोर्टल के मुख्य संपादक हैं श्री विराज कुमार शर्मा ने लगभग 25 से अधिक वर्षों तक विभिन्न न्यूज पेपर्स के साथ कार्य किया है जैसे दैनिक आज शाह टाइम्स और मुख्यतः उन्होंने लगभग 24 वर्ष दैनिक जागरण के साथ कार्य किया है
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