मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले पूर्व विधायक द्वाराहाट महेश नेगी व विभाग प्रभारी अनिल शाही भिड़ गए। दोनों में तीखी तकरार हुई। इससे अफरा तफरी मच गई। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों को अलग किया। बहस के बीच पहुंचे एक समर्थक को मंच से दूर कर दिया गया। विवाद मंच पर बैठने वालों की सूची में पूर्व विधायक महेश नेगी का नाम शामिल न करने पर उपजा था।
पार्टी सूत्रों के अनुसार सीएम धामी की जनसभा के मद्देनजर मंच पर बैठने वालों की सूची में पहले 25 नाम शामिल किए गए थे। इनमें सहमति न बनने पर कुछ के नाम हटाए गए। इधर सोमवार को ‘जन जन की सरकार, जन जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत श्रद्धानंद मैदान में लगे बहुद्देश्यीय शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीधा मंच पर आने के बजाय पहले करीब 43 विभागीय स्टाल का निरीक्षण करने लगे। उधर मंच पर पार्टी पदाधिकारियों का पहुंचना और संचालन भी शुरू हो गया।
इसी बीच पूर्व विधायक द्वाराहाट महेश नेगी मंच पर पहुंचे। वह द्वाराहाट विस क्षेत्र से ही विधायकी का चुनाव लड़ चुके वर्तमान विभाग प्रभारी अनिल शाही से टकरा गए। उन्होंने मंच पर बैठने वालों की सूची में नाम शामिल न होने पर कड़ा एतराज जताते हुए शाही से कारण पूछा। यह भी कहा कि उनका नाम किसने कटवाया।
इसी बात पर दोनों में तीखी तकरार हो गई। माहौल गरमाता देख प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी हरकत में आ गए। सीडीओ रामजी शरण, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात व पुलिस अफसर ने दोनों को अलग किया। समझाया। शांत कराया।
इसी बीच एक समर्थक मंच पर बैठने वालों की सूची से नाम काटने का विरोध करने पहुंच गया। उसे तत्काल मंच से दूर कर जैसे तैसे मामला शांत कराया गया। हालांकि बाद में सीएम के मंच पर पहुंचने के बाद पूर्व विधायक महेश नेगी व विभाग प्रभारी एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनिल शाही मंच के एक कोने में गलतफहमी दूर करते दिखे।